हम (Hum)

 

हम,हम हैं हमसें जहाँ खुबसूरत है….

हमें तुम्हारी जरुरत है,हमें मेरी जरुरत है…

“हम”कितना खुबसूरत शब्द है न। सोचिए इसे जिसने ईजाद किया होगा वो कितना खुबसूरत रहा होगा!

आज मैंने सोचा कि किस्से-कहाँनियाँ तो मैं अक्सर ही आप लोंगो से शेयर करता हूँ आज कुछ अलग ही बातें की जाएआपसे,हमारे बारे में। 

अगर आप सोच रहे हैं कि मैं मेरे बारे मैं कुछ बताने जा रहा हूँ तो थोडा रुकिए और आगे पढ़िये।

मैं आज बात करने जा रहा हूँ शब्द “हम” के बारे में। जिसने मुझको ,आपको, पूरी दुनिया को एक सूत्र में बान्धे हुए रखा है।

मुझे लगता है कि हमारे द्ववारा बनाए गये शब्दों में

“हम” सबसे खुबसूरत व महत्वपुर्ण शब्द है।क्योकिं हम शब्द अपनापन महसूस करवाता है और पास खडे अजनबी से भी एक भावात्मक रिश्ता बना देता है।

अगर कहा जाए कि मुझे और तुम्हे ये काम करना चाहिए या मुझे और तुम्हे फ्यूचर प्लानिंग करनी चाहिए तो कितना अजीब व बेढंगा लग रहा है,

 लेकिनअगर ये कहा जाए कि हमें ये काम करना चाहिए या हमें फ़्यूचर प्लानिंग करनी चाहिए तो यह कितना सुव्यवस्थित व कहने में अच्छा लग रहा है।

आप दूर बैठे किसी इन्सान से फोन पर बात कर रहे हो और वो कहे कि हम लोग ठीक है तो आप अन्दाज़ा नहीं लगा सकते कि उस समय वहाँ कितने लोग मौजूद होंगे,दो लोग भी हो सकते हैं और बारह भी।  यही इस शब्द की सबसे खुबसूरत बात है कि कभी कोई ख़ुद को सम्बोधित करता है तो कभी उसमे करोड़ों लोग आ जाते हैं।

“हम भारत के लोग” यानि 130करोड़ से अधिक लोग़ आ गए इस एक शब्द में,

” हमें पर्यावरणीय समस्याओ को रोकने के लिए सख्त क़दम उठाने होंगें ” यह बात

विश्वके बड़े नेता एक मंच पर खडे होकर कहते हैं तो उसका अर्थ किसी देश विशेष से नहीं बल्कि पूरे संसार से होता है यानि “हम” ने समूचे विश्व की अरबों की जनसंख्या को भी व्यक्त कर दिया।

“हम”रिश्तो के लिए भी काफी महत्वपुर्ण है ,मुझे लगता है कि जहाँ शब्द”हम”,मैं और तुम में टूटने लगता है,वहाँ रिश्ते भी ज्यादा देर तक टिक नही पाते।

माना जाता है कि “हम”शब्द कि उत्पत्ति मै या अहम् से हुवी है । भारत में”हम” शब्द का प्रयोग सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश व बिहार में किया जाता है।इन प्रदेशों में”हम” बहुत से रूपो में प्रयुक्त किया जाता है जैसे- हमें,हमारा, हमसे।

यह तीनों शब्द”हम” से बने हैं पर अर्थ तीनों के ही अलग-अलग हैं। भोजपुरी  हमें”हमैं”,”हमनिका,”व”हमार” खूब प्रचलित है।बिहार में अधिकतर लोग “हम” का प्रयोग ख़ुदके लिए करते हैं मतबल उसे बहुवचन होते हुए भी एकवचन बनाते हैं।

यूपी में भी कहीं- कहीं (जैसे लखनऊ) पर इसका इस्तेमाल खुद के लिए ही किया जाता है जो कि लखनवी तहज़ीब के कारण है। 

कहा जाता है कि हम का प्रयोग भारत में सबसे पहले मुगलकाल में हुआ था, शुरूआत वहीं से हुयी इसकी।

पर शुरूआत चाहे कहीं से भी हुयी हो,लेकिन “हम” का अन्त कहीं नहीं है,“हम अमर हैं “|

जब कहीं भीड़ इकट्ठा होगी तो”हम”होगें ,जब कोई अकेला महसूस करेगा तो उसके साथ “हम” होंगें ।

अब मिलतें है अगले ब्लॉग में तब तक आप अपना ध्यान रखे और परेशान न हो क्यूँकि आपके पास “हम” हैं।

English translation


We are where we are beautiful….

 We need you, we need me


 “We” is such a beautiful word, isn’t it. Think how beautiful the one who invented it must have been!


 Today I thought that I often share stories with you people, today some different things should be done with you,

 about us.


 If you are thinking that I am going to tell you something about me, then wait a bit and read on.


 Today I’m going to talk about the word “we”.

 Who has tied me, you, the whole world in one thread.

 I think in the words made by us

 “We” is the most beautiful and important word. Because the word we makes sense of belonging and also creates an emotional relationship with the stranger standing nearby.


 If it is said that I and you should do this work or I and you should do future planning, then how strange and clumsy it looks,

  But if it is said that we should do this work or we should do future planning, then how well organized and good to say it is.


 If you are talking to a person sitting far away on the phone and he says that we are fine, then you cannot guess how many people will be present there at that time, there can be two people and there can also be twelve.


 This is the most beautiful thing about this word that sometimes someone addresses himself and sometimes crores of people come in him.


 “We the people of India” i.e. more than 130 crore people came in this one word,

 “We have to take strict steps to stop environmental problems”

 When the world’s big leaders stand on a platform and say, it does not mean any particular country but the whole world, that is, “we” has also expressed the population of billions of the whole world.


 “We” are also very important for the relationship, I feel that where the word “we”, me and you start breaking down, there the relationship also does not last long.


 It is believed that the origin of the word “we” is from me or ego.  In India, the word “we” is used the most in Uttar Pradesh and Bihar.


 In these regions “we” is used in many forms like- us, our, us.

 These three words are derived from “we” but the meanings of all three are different.  “Hum”,”Hamnika,”and”Hamar” are very popular in Bhojpuri. In Bihar, most people use “Hum” for themselves. Matbal makes it singular even though it is plural.



 In UP also, it is used for its own sake at some places (like Lucknow) which is due to Lucknowi tehzeeb.


 It is said that Hum was first used in India during the Mughal period, it started from there.

 But wherever the beginning may be, but the end of “we” is not anywhere, “we are immortal”.


 Whenever a crowd gathers, we will be when someone feels lonely

 If he does, then “we” will be with him.

 Now see you in the next blog till then take care of yourself and don’t worry because you have “we”.



Thanks for reading 🙏🙏🙏




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