World’s best lover Rahul and Anju part 2

 

It’s Rahul’s second day at school. You must be thinking that when he saw Anju for the first time, like in movies, Rahul got lost in his eyes or Rahul felt that the moon had fallen from the sky to the ground, the hand of the clock stopped moving.  Gone, it seemed that the whole world had stopped as it was, or saw it, which for the first time felt as if suddenly it rained on the burning sand of the desert.

Friends, nothing like this happened, because love is not an action that if you saw someone for the first time, then immediately fell in love with him. As mentioned above, it may have happened, but it was possible only if they knew about this, they are only small children, now they know what it means to rain on the burning sand of the desert.

There is no age of love

Well there is no age to be in love it can happen anytime at any moment. Friends, love happens even to a child studying in class kg, but there is no physical attraction in his love.

 I have already said that love is not an action, love is a feeling, love is a feeling, love is never done to anyone, it happens slowly by itself.

Love is not an action

 All I would say is that instead of loving, wait for love to happen.

 Don’t wish like this, I am single, I wish some girl or boy would come and do me a purpose, then my life too becomes.

 These days, I have seen more such lovers in whose life there is more conflict than love. This dispute is because this love has not happened but has been done.

Well, coming back to my story, my first meeting of Rahul and Anju did not turn out to be anything special.

 Gradually, Rahul started liking that new school. He became many friends. His name was discussed very loudly in the class because he was a very good student in studies. All the teachers used to be very happy with Rahul because he used to do all his work properly.

 Anju was also a smart girl, she was also fine in studies. Now slowly Rahul and Anju started coming closer. Both had become very good friends. They both lived together in each other’s happiness and sorrow.

Rahul had a very good group in the class. He had 8 very good or true friends in his group, their names are as follows

 

The group of lions 🦁

  “Vaibhav, Raghav, Javed, Sameer, Amar, Anju, Puneet, Ajay”

 The discussion of this group was everywhere in the school. Many times a conspiracy was made to break this group but all these efforts failed.

 Anju and Rahul were very firm and true friends.

 With the passage of time, all of them together passed their class 6, 7, 8, or with good marks. Now all were in class 10th. 

Rahul and Anju loved each other very much but both of them never accepted. But there was one thing, both of them were playing their friendship very well.

 

The era of rahul’s love

All of them passed with very good marks in the 10th board examination. Rahul’s result was very good. He was very happy.

 But when he was away from Anju during these summer vacations, nothing seemed to suit him.

 When he was with Anju, there was never a need to tell Anju how much he loves her. But today when he is away from her, today he is feeling his true love.

 And here is the case of Anju too.

Both are deeply in love with each other but till now no one has taken the initiative.

 Let’s see what happened in the next blog when after 40 days off, both of them met again in class 11.  

Can both of them express their love or not?

हिंदी अनुवाद

 राहुल का स्कूल में दूसरा दिन है ।आप लोग सोच रहे होंगे जब उसने पहली बार अंजू को देखा, तो फिल्मों की तरह राहुल उसकी आंखों में खो गया या राहुल को लगा की चांद आसमान से जमीन पर आ गया,घड़ी की सुइया चलना बंद हो गई ,ऐसा लगा कि सारा संसार ही रुक गया जो जैसे था वैसे  ही ठहर सा गया हो, या फिर उसे देखा जो पहली बार तो ऐसा लगा की रेगिस्तान की जलती रेत पर अचानक बारिश हो गई। 

दोस्तों ऐसा कुछ नही हुआ, क्योंकि प्यार कोई क्रिया नहीं है कि किसी को पहली बार देखा तो तुरंत उससे प्यार हो गया। जैसा ऊपर बताया शायद हो भी सकता था, लेकिन यह तभी संभव था जब वे इस बारे में जानते  होते, वो तो केवल छोटे से बच्चे है  अभी उन्हे क्या मालूम कि रेगिस्तान की जलती रेत पर बारिश होने के क्या मतलब है।

खैर प्यार होने की कोई उम्र नहीं होती यह कभी भी किसी भी क्षण हो सकता है। दोस्तो प्यार तो कक्षा kg में पढ़ रहे बच्चे को भी होता हैं लेकिन उसके प्यार में शारीरिक आकर्षण नही होता है । 

मैंने पहले ही कहा कि प्यार कोई क्रिया नहीं है, प्यार तो एक एहसास है, प्यार तो एक भाव है, प्यार कभी किसी से किया नही जाता है ये तो स्वयं ही धीरे धीरे हो जाता है। 

मैं तो सबसे यही कहूंगा कि प्यार करने के बजाय प्यार होने का इंतजार करो।

ऐसी इच्छा न करो मैं तो सिंगल हूं काश कोई लड़की या लड़का आकर मुझे purpose कर दे तो मेरी भी लाइफ बन  जाए ।

आज कल ऐसे प्रेमी मैंने कुछ ज्यादा ही देखे जिनके जीवन में  प्यार से ज्यादा तकरार है।ये तकरार इसीलिए है क्योंकि ये प्यार हुआ नही बल्कि किया गया है । 

खैर मैं अपनी कहानी पर वापस आता हूं, मैंतो राहुल और  अंजू की पहली मुलाकात कुछ खास नहीं हुई। 

धीरे धीरे राहुल को उस नए स्कूल में अच्छा लगने लगा । उसके कई सारे दोस्त बन गए। कक्षा में उसके नाम की चर्चा बड़े जोरों से होने लगी क्योंकि वह पढ़ने में बहुत ही अच्छा छात्र था । सभी अध्यापक राहुल से बहुत खुश रहते थे क्योंकि वह अपने सभी काम सही से करता था । 

अंजू भी होसियार लड़की थी, वह भी पढ़ने में ठीक थी । अब धीरे धीरे राहुल और अंजू करीब आने लगे । दोनो ही बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे। वे दोनो ही एक दूसरे के सुख दुःख में साथ रहते थे । 

राहुल का कक्षा में एक बहुत ही अच्छा ग्रुप था। उसके ग्रुप में उसके eight बहुत ही अच्छे वा सच्चे दोस्त थे, उनके नाम कुछ इस प्रकार है 

 

 “वैभव, राघव, जावेद , समीर,अमर, अंजू ,पुनीत,अजय ”

स्कूल में हर जगह इस ग्रुप की चर्चा रहती थी। कई बार इस ग्रुप को तोड़ने की साजिश की गई लेकिन ये सभी प्रयास विफल रहे। 

अंजू और राहुल बहुत ही पक्के वा सच्चे दोस्त थे।

समय के साथ इन सबने एक साथ अपने  कक्षा 6,7,8,वा अच्छे नंबर से उत्तीर्ण किए। अब सभी क्लास 10th में थे । 

राहुल और अंजू एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे लेकिन  उन दोनो ने कभी  स्वीकार नहीं किया था । लेकिन एक बात थी ये दोनो अपनी दोस्ती बहुत ही अच्छे तरीके से निभा रहे थे। 

दसवीं की बोर्ड परीक्षा में ये सभी बहुत ही अच्छे मार्क्स से उत्तीर्ण हुए । राहुल का रिजल्ट बहुत ही अच्छा आया था । वह बहुत खुश था । 

लेकिन इन गर्मियों की छुट्टियों में जब वह अंजू से दूर था तो उसे कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था। 

वह जब अंजू के साथ था तो कभी जरूरत ही नही हुई अंजू से बताए की वह उससे कितना प्यार करता है। लेकिन आज जब वह उससे दूर है तो आज उसे अपने सच्चे प्यार का अहसास हो रहा है। 

और इधर अंजू का भी यही हाल है। 

दोनो एक दूसरे से बेइंतहा मोहब्बत करते है लेकिन अभी तक किसी ने पहल नहीं की। 

मिलते है अगले ब्लॉग में क्या हुआ जब 40 दिन की छुट्टियों के बाद दोनो फिर क्लास 11 में मिले ।

क्या दोनो अपने प्यार का इजहार कर पाते है या नहीं ।

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