थोड़ा सा इश्क़ ( a little love part 3)

     थोड़ा सा इश्क भाग 3

 अगर अपने अभी तक पहले दो भाग नही पढ़े तो पहले उन्हे जरूर पढ़े।

    थोड़ा सा इश्क़ भाग 1

     थोड़ा सा इश्क़ भाग 2


बहुत पछताता हैं दिल,तुझसे इश्क़ करके,,  काश तुने मुस्कुरा के मेरा हाल न पूछा होता!


मेरे प्यारे दोस्तों कैसे हैं आप सब ?उम्मीद करता हूँ कि ठीक होंगें। जैसा कि मैंने वायदा किया था कि मैं आपको इश्क़गली का सफर पूरा करवाऊँगा तो उसी वायदे के मुताबिक मैं आ गया हूँ आगे के सफर का बंदोबस्त करके आइए चलते हैं फिर इश्क़गली में।


अबे भुलक्कड़ कुछ बताएगा भी की बस सोचता ही रहेगा,जय ने हल्के अन्दाज में पूछा। हां तो….बताता हूँ न….पहले तू समोसे खा ले……


मैंने कहा ना…जय की आवाज सख्त हो गयी। बताता हूँ पर तु रितु पर गुस्सा नहीं करेगा।समीर ने रिक्वेस्ट की।

गुस्से वाली बात होगी तो जरुर करुंगा।

एक्चूली रितु ने तुझसे झूठ बोला था, वो देवीदर्शन को नहीं बल्कि अपनी फैमिली के साथ अपनी दूर की मौसी के वहाँ गई है, उसके भाई ले गये हैं.. जैसा कि तू जानता है.., कहते-कहते समीर ने एक लम्बी -सी सहमी हुई सांस ली, कि उसके ऊपर शादी का दबाव बनाया जा रहा हैं…..तो …. शायद…. पर रितु तेरे सिवा किसी को भी पसंद नहीं करेगी।


Gussa तो नहीं हुए यार ,बेहद सधे अन्दाज़ में उसने पूछा।



नहीं बिलकुल भी नहीं ,उसने एक लम्बी सांस लेकर कहा और पास रखे हुए समोसे के लिफाफे पर इतनी तेज Kick किया कि सारे समोसें लगभग सात मीटर की दूरी तक फट -फूट के चिथड़ों में होकर गिर पड़ें।

अगर फास्ट फूड्स की हत्या पर कोई सज़ा होती तो कानून जय को कड़ी से कड़ी सज़ा सुनाता।


जय इससे पहले भी अन्न का अपमान कर चुका है, खाने की थाली तक फेंक चुका हैं, पहले ही बताया न कि वो गुस्से में कुछ भी कर जाता है। शायद उसे कभी अपनी इस भूल का एहसास हो जाए और वो खाने पर गुस्सा उतारना बंद कर दे!


यार क्यों है ऐसी वो आख़िरी क्यों?जय यूं तड़प के बोल उठा जैसे उसके सारे खामोश दर्द उसके अन्दर से एकदम से चीख उठे हों और वो बर्दाश नहीं कर पाया हो!……


किस बात का डर हैं उसे समीर ? अपने बड़े भाई का,चाचा का ,पूरे परिवार का आख़िरी उसे मेरी फिक्र क्यों नहीं होती ,क्यों नहीं वो मुझसे भी उतनें प्यार से पेश आती जैसे बाकी सभी से…उसके लिए

उसके घर वाले ही सबकुछ हैं मैं कुछ नहीं ??

जय उसी गुस्से में बोले जा रहा था, कितनी कोशिश की मैंने उसके दिल से डर निकालने की लेकिन वो…

तुझे पता है समीर उसके घर वाले उसके इसी डर का इसी भीरुपन का फायदा उठाते हैं वो डरते- डरते बाज नहीं आती और मैं उसका डर निकालते-निकालते 


बात खत्म करते करते जय ने एक जोरदार मुक्का पेड़ पर मार दिया |चोट पेड़ को आयी होगी की जय को ये तो आप ख़ुद जान सकते होंगें !!

समीर ने कुछ नहीं बोला बस चुपचाप जाकर जय के कन्धे पर हाथ रखते हुए कहा “जय, तू उसे सम्भाल ले ,हम सब तुझे सम्भाल लेंगे।”


तो मेरे प्यारे दोस्तों आज की कहानी यहीं तक।उम्मीद करता हूँ कि आप को इश्क़गली की सैर करने में मजा आ रहा होगा ,आगे आने वाले पार्ट इससे भी दिलचस्प होंगें इसी बात के साथ मैं आपसे इजाजत लेना चाहता हूँ हैं अगले ब्लॉग में ।

Story in English

I regret a lot, by loving you, I wish you had not asked my condition by smiling!!

 How are you all my dear friends? I hope you will be fine.  As I promised that I will make you complete the journey of Ishqgali, then according to the same promise I have come for the journey ahead.

 After making arrangements, let’s move on to Ishqgali.


 Abe forgetful will tell something that he will just keep thinking, Jai asked in a light tone.  If yes then… I will tell you no… first you eat samosas……


 I said no… Jai’s voice became hard.  I will tell but you will not get angry on Ritu. Sameer requested.

 If I am angry, I will definitely do it.

 Actually Ritu lied to you, she has gone to her distant aunt’s place with her family, not to Devidarshan, her brothers have taken her.. as

 You know.., Sameer took a long sighed while saying that pressure is being put on him for marriage…..so….maybe….but Ritu Tere.

 will not like anyone except


 Didn’t get angry, man, he asked in a very simple manner.




 No, not at all, he said with a long breath and kicked the samosa envelope kept so fast that all the samosas fell into the rags of about seven meters away.

 If there was any punishment for the murder of fast foodies, the law would have given Jai the harshest punishment.


 Jai has insulted the food even before this, has thrown even the plate of food, has already told that he does not do anything in anger.  Maybe he will realize his mistake sometime and he

 Stop getting angry over food!


 Dude, why is this the last one? Jai Yun said with anguish as if all his silent pain had erupted from inside him and he could not bear it!……


 What is he afraid of Sameer?  Why doesn’t she care about my elder brother, uncle, the last of the whole family, why wouldn’t she treat me with as much love as everyone else…for her

 His family is everything, I am nothing?

 Jai was being spoken in the same anger, how much I tried to get fear out of his heart but he…

 You know Sameer, his family members take advantage of this fear of his, he does not stop being afraid and I used to take out his fear.



 At the end of the talk, Jai hit the tree with a loud punch. The tree must have been hurt that Jai was

 You can know this yourself!!

 Sameer didn’t say anything, just went quietly and placed his hand on Jai’s shoulder and said, “Jai, you take care of him.”

 Come on, we’ll all take care of you.”


 So my dear friends, till today’s story. I hope you are enjoying the journey of Ishqgali, the upcoming parts will be even more interesting, with this I give your permission.

 I want to see you in the next blog.

Real fabulous love story

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